एक छोटे से जंगल के पास पुलिस चौकी थी। एक दिन इंस्पेक्टर अरमान गश्त पर निकले तो उन्हें रास्ते में एक नन्हा हाथी रोता हुआ मिला। उसका पैर झाड़ियों में फँस गया था। इंस्पेक्टर ने धीरे-धीरे झाड़ियाँ हटाईं और हाथी को छुड़ाया। हाथी ने खुशी में अपनी सूँड़ उठाई और इंस्पेक्टर के कंधे पर प्यार से थपथपाया—यही उनकी दोस्ती की शुरुआत थी। हर सुबह हाथी चौकी के बाहर आकर इंस्पेक्टर का इंतज़ार करता। कभी वह पानी लाता, कभी जंगल का रास्ता साफ कर देता। बदले में इंस्पेक्टर उसे गुड़ और केले खिलाते। एक दिन गाँव में खोया हुआ बच्चा मिला नहीं रहा था। हाथी ने अपनी सूँड़ से हवा सूँघी और कुछ ही मिनटों में बच्चे को जंगल की झाड़ियों से ढूँढ निकाला। सबने खुशी मनाई।
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