महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। यह पर्व भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और सात्विक जीवन अपनाते हैं। व्रत का उद्देश्य शरीर की शुद्धि के साथ-साथ मन और आत्मा को भी पवित्र करना होता है। कुछ लोग फलाहार करते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु निर्जल व्रत भी रखते हैं। पूजा विधि में प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके बाद शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक किया जाता है। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भस्म, अक्षत और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। महाशिवरात्रि की रात जागरण का विशेष महत्व होता है। भक्त रात्रि भर शिव भजन, कीर्तन और ध्यान करते हैं। माना जाता है कि इस रात की गई सच्ची आराधना से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। अंत में, अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है। महाशिवरात्रि का व्रत और पूजा हमें संयम, भक्ति और आत्मशुद्धि की प्रेरणा देती है।
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