Part—3कार के इंजन और झींगुरों की आवाज़] नैरेटर: सालों बाद, एक पत्रकार अर्जुन उस हवेली की सच्चाई जानने पहुँचा। उसने अपने कैमरे और रिकॉर्डर सेट किए… और धीरे-धीरे हवेली के अंदर कदम रखा। दीवारों पर दरारें, टूटी खिड़कियाँ, और हवा में एक अजीब सन्नाटा था। अचानक — [दरवाज़ा चरमराने की आवाज़] पीछे का दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया। अर्जुन का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। उसने कैमरा घुमाया — और देखा, दीवार पर किसी ने उँगलियों से लिखा था — “गीत अधूरा है… उसे पूरा करो।”
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