यह कहानी एक छोटे से गाँव की है, जहाँ एक मेहनती किसान रामू रहता था। रामू सुबह सूरज निकलने से पहले खेत में पहुँच जाता और देर रात तक मेहनत करता। उसके पास ज़्यादा ज़मीन नहीं थी, लेकिन उसके दिल में बड़ा हौसला और उम्मीद थी। हर मौसम में वह पूरी लगन से फसल उगाता, भले ही बारिश कम हो या धूप ज़्यादा। एक साल गाँव में भयंकर सूखा पड़ा। कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं और लोग हताश हो गए। लेकिन रामू ने हार नहीं मानी। उसने पास की नदी से नहर बनाकर पानी खेत तक पहुँचाया और दिन-रात मेहनत जारी रखी। कुछ महीनों बाद उसकी फसल इतनी अच्छी हुई कि पूरे गाँव के लिए खाने का इंतज़ाम हो गया। रामू ने अपनी फसल अकेले नहीं बेची, बल्कि उसका अनाज गाँव के सभी गरीब घरों में बाँटा। उसकी मदद से गाँव फिर से खुशहाल हुआ। लोग रामू की मेहनत और दयालुता को हमेशा याद रखने लगे। इस तरह मेहनत, विश्वास और दूसरों की मदद करने की भावना ने एक किसान को पूरे गाँव का नायक बना दिया। 🌾 Is kahani ko video me do sabka kirdar aalag ho
1
Views
0
Likes
0
Comments
0
Shares