टॉमू और जेरू दो बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों हर दिन साथ रहते थे, लेकिन उनकी दोस्ती शरारतों से भरी रहती थी। एक सुबह टॉमू चाय पी रहा था कि जेरू ने पीछे से आकर उसकी कुर्सी हल्की-सी हिला दी। टॉमू चौंक गया और चाय छलक गई। “जेरू! आज तो तुझे पकड़ कर रहूँगा!” टॉमू चिल्लाया। जेरू हँसते हुए भागा, और दोनों पूरे घर में दौड़ने लगे। कभी टॉमू गिरता, कभी जेरू मेज़ से टकराता — लेकिन आखिर में दोनों हँसते-हँसते लोटपोट हो जाते। थोड़ी देर बाद जेरू बोला, “टॉमू, तेरे बिना मेरे मज़े नहीं आते।” टॉमू ने मुस्कुराकर कहा, “और तेरे बिना मेरी सुबह नहीं बनती।” दोनों ने हाई-फाइव किया और फिर साथ में नाश्ता करने बैठ गए। क्योंकि उनकी दोस्ती टॉम और जेरी जैसी थी — झगड़े बहुत, पर प्यार उससे भी ज़्यादा।
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