आरव और कियारा एक ही मोहल्ले में रहते थे, लेकिन दोनों की दुनिया बिल्कुल अलग थी। आरव शांत, समझदार, कम बोलने वाला… और कियारा पूरी तरह उलट—हँसमुख, शरारती, दिल की मासूम। एक दिन बारिश हो रही थी। कियारा छत पर सूखते कपड़े लेने गई, फिसलकर गिरने ही वाली थी कि अचानक आरव ने उसे पकड़ लिया।
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